स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ते हुए लोगों के लिए प्रश्न ? क्या हमारी संवेदनाएँ इतनी खत्म हो चुकी हैं कि दूसरों की तकलीफ़ दिखाई ही नहीं देती?– वरिष्ठ समाज सेवक नवल सिंह ठाकुर बैतुल हमारे घर के बगल में वार्ड क्रमांक 29 गणेश वार्ड हाथी नाला है, और एक मदिर बना हुआ है। जहाँ लोग वर्षों से कचरा फेंकते आ रहे हैं। अब स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। कुछ लोग मरे हुए पशुओं को भी उसी नाले में फेंककर चले जाते हैं। कुछ दिनों बाद उनसे उठने वाली असहनीय दुर्गंध पूरे क्षेत्र में फैल जाती है, और आसपास रहने वाले परिवारों को 24 घंटे उसी बदबू के बीच जीवन बिताना पड़ता है। मैं उन लोगों से केवल एक सवाल पूछना चाहता हूँ— यदि यही मरा हुआ पशु आपके घर के सामने फेंक दिया जाए और आपको कई दिनों तक उसी सड़ांध में रहना पड़े, तब आप क्या करेंगे? सबसे चिंता की बात यह है कि इसी नाले के पास एक होटल भी है, जहाँ बाहर से आने वाले लोग ठहरते हैं। ज़रा सोचिए, जब वे इस दुर्गंध और गंदगी को देखते होंगे, तो हमारे शहर की कैसी छवि लेकर वापस जाते होंगे? क्या यही पहचान हम अपने शहर की बनाना चाहते हैं? स्वच्छता केवल अपने घर तक सीमित नहीं होती, बल्कि पूरे समाज और शहर की जिम्मेदारी होती है। अपनी सुविधा के लिए किसी दूसरे के जीवन को कष्ट देना न तो इंसानियत है और न ही सभ्य समाज की पहचान। आइए, इतना ही सोचें कि जो काम हम अपने घर के सामने होते नहीं देख सकते, वह किसी और के घर के सामने भी न करें। यही सच्ची नागरिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता है। एक स्वच्छ शहर, स्वस्थ समाज और अच्छी पहचान—यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। ( वरिष्ठ समाज सेवक पूर्व पार्षद श्री रमेश भाटिया का कहना है कि गंदगी फैलाने वाले और कचरा फेंकने वालों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए नगर पालिका को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए) (वरिष्ठ समाज सेवक हेमंत चंद्र बबलू दुबे कैंसर फाइटर का कहना है कि कचरा फेंकने वाले और गंदगी करने वाले पर जुर्माना लगाना चाहिए) उपप्रधान सपादकं राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 41 Post navigation भाजयुमो नगर अध्यक्ष मनीष धारवा का जन्मदिन सादगी और सेवा भाव के साथ मनाया गया पुलिस अधीक्षक, जिला बैतूल 18 जुलाई 26 “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत जिलेभर में विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान