रिपोर्टर राकेश डब्बू तायवाड़े आमला बैतूल प्रति,महामहिम राज्यपाल महोदय जी,म.प्र. शासन, भोपाल। द्वारा: अनुविभागीय अधिकारी (प्रशासन), मुलताई जिला बैतूल।विषय: भाजपा शासन में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को बंद करने, मुलताई नगर में निरंतर हो रही चोरियों को रोकने व अन्य समस्याओं के संबंध में। महोदय जी,भारतीय जनता पार्टी की सरकार जबसे प्रदेश में आई है गरीब आदिवासियों पर अत्याचार दिनो-दिन बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक ओर नागरिकगण बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से परेशान है वही आमजन भारतीय जनता पार्टी की सामंत शाही नीति तथा आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार से व्यथित है।मुलताई तहसील के समस्त कार्यकर्ताओं की मांग है कि प्रदेश में निम्रांकित स्थानों पर आदिवासियों पर अत्याचार हुये हैं तथा इन पर अत्याचार करने वाले के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की मांग कांग्रेसजन करते हैं साथ ही ऐसी अराजक सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हैं :- सीधी में आदिवासी युवक पर सरेआम पेशाब कर उसका विडियो बनाना। सिवनी में 2 आदिवासी युवकों की पीट-पीटकर हत्या। नेमावर हत्याकांड : एक गरीब कोरकू आदिवासी परिवार के पांच लोगों की हत्या जिसमें आज तक उनको न्याय नहीं मिल पाया ! शाहगंज हत्याकांड : जिसमें बैतूल के विनोद की हत्या की गई थी । महू हत्याकांड : एक आदिवासी बहन की हत्या और उसकी न्यायिक जांच के लिए धरने पर बैठे निर्दोष आदिवासी भाइयों पर पुलिस फायरिंग से गरीब आदिवासी भेरूलाल की हत्या । मंदसौर हत्याकांड: कन्हैया लाल भील आदिवासी की पिकअप के पीछे रस्सी से बांधकर घसीट कर हत्या की गई। खरगोन हत्याकांड बिसठान थाने मे पुलिस हिरासत में एक आदिवासी युवक की मौत, भैंसदही थाने में पुलिस अभिरक्षा मे मौत, मुलताई नगर एवं आस-पास के क्षेत्रों में हो रही चोरियों पर तुरंत अंकुश लगाया जाएं तथा अपराधियों को गिरफ्तार किया जाये। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिक रही अवैध शराब पर तुरंत अंकुश लगाया जाये तथा चल रहा जुआ-सट्टा तुरंत बंद कराया जाये। कृषकों की खराब हुई फसलों का बीमा धन के बराबर मुआवजा पूरी विधान सभा क्षेत्र के कृषकों को दिया जाये। जो बीमा की राशि मिली है वह अत्यंत कम है तथा शासन की लापरवाही के कारण अनावरी अत्यंत कम बताई गई है या नही बताई गई है। हरदा जिले के किसानों के बराबर मुआवजें की राशि मुलताई विधान सभा क्षेत्र के किसानों को भी दी जायें। प्रभात पट्टन ब्लॉक के लगभग 15 ग्राम सिरडी, सांईखेड़ा खुर्द, वायगांव, मासोद, जामगांव, दातोरा, खेड़ीरामोशी, वंडली, काजली, सहनगांव इत्यादि के कृषकों की जमीन जो न तो वर्धा डेम से सिंचित है ना ही पारसडोह से सिंचित है उन ग्रामों में माईक्रों सिंचाई परियोजना में शामिल कर पाईप लाईन के द्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। बिजली बिलों में हुई वृद्धि पर अंकुश लगाया जाये। बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी पर तुरंत अंकुश लगाया जाये। अत: समस्त कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रशासन से यह मांग करते हैं भाजपा शासन काल में आदिवासियों पर हो रहे बार-बार अत्याचार पर अंकुश लगाकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाये तथा मुलताई विधान सभा क्षेत्र में इन अवैध गतिविधियों पर तुरंत अंकुश लगाया जाये साथ ही उपरोक्त सभी मांगे अविलंब पूर्ण की जाये। अन्यथा ऐसी अराजकता पूर्ण सरकार को बर्खास्त किया जाये अन्यथा आम जनता एवं कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ा आंदोलन करने को बाध्य रहेंगे। (सुखदेव पांसे) Please follow and like us: Post Views: 395 Post navigation शिव सेवा समिति के सदस्यों ने अमरनाथ यात्रियों का स्वागत किया ठेका श्रमिकों को प्लांट में संविदा पर रखने का निर्णय लिया गया