रिपोर्टर राकेश डब्बू तायवाड़े आमला बैतूल बैतूल प्रतिदिन के अनुसार 22 जून को सुबह के समय मां माचना के जीवन के अस्तित्व को बचाने का 52 वा दिन है आज सुबह 6:30 बजे मेहनत और लगन नैतिकता से अपनी मां की सेवा आप सभी के आशीर्वाद से मां माचना की सेवा करबला घाट से प्रतिदिन सुबह की जा रही है मां माचना नदी से जलकुंभी और पॉलिथीन प्लास्टिक की लगातार सफाई की जा रही है समाज सेवक श्री रमेश भाटिया जी श्री दीपक भाई श्री बबलू दुबे जी और बैतूल सभी कैंसर मुक्त भारत के सदस्यगण का कहना है कि जनप्रतिनिधि और नगर पालिका प्रशासन होमगार्ड एवं सामाजिक कार्यकर्ता की सहायता लेकर बैतूल जिले की शान मां माचना नदी की अस्तित्व को बचाने के लिए पॉलिथीन एवं जलकुंभी को निकालने के लिए स्वच्छ अभियान चलाएं और नदी को शुद्ध जल मिल सके मा माचना का उद्गम स्थल बैतूल जिले के आमला ब्लाक के ग्राम हसलपुर से हुआ है ग्राम हसनपुर के ग्रामीण श्री जीतू बेले सुनील नागले ने बताया कि मा माचना जयंती उद्गम स्थल पर पहुंचकर पूजा अर्चना की जाती है बड़ी तादाद में ग्रामीण लोग उपस्थित रहते हैं बैतूल मैं विशाल चुन्नी भेंट की जाती है एवं शाहपुर भौरा मैं भी मां माचना जयंती पर भी पूजा की जाती है इसी को देखते हुए बैतूल जिले की शान मा माचना नदी को बचाने के लिए सभी सामाजिक बंधु एवं जागरूक नागरिक से निवेदन है कि मा माचना नदी को बचाने के लिए एक कदम आगे बढ़ाएं कुछ जागरूक नागरिक समाज सेवक माचना नदी से जलकुंभी प्लास्टिक पॉलिथीन कचरा निकाल कर बाहर फेंकते हैं इसी को वह सच्ची पूजा कहते हैं पूजा हर प्रकार की की जा सकती है मा माचना की पूजा होना चाहिए नदी से निकाला गया पॉलिथीन कचरा प्लास्टिक बोरी में भरकर नियत स्थान पर पहुंचाने के लिए नगर पालिका प्रशासन बेतूल का बहुत-बहुत धन्यवाद आप सभी ने आज मा माचना नदी के लिए स्वच्छता अभियान में उपस्थित होकर जो बहुमूल्य समय निकालकर योगदान दिया उसके लिए धन्यवाद प्रार्थनीय है जय हिन्द जय भारत Please follow and like us: Post Views: 399 Post navigation जगदीश ने अपने माता-पिता की सेवा के लिए लिमिटेड कंपनी की नौकरी छोड़ी आष्टा क्षेत्र में सोयाबीन की बोवनी शुरू हुई