संजय वर्मा 9893463143 आष्टा। नगर के खेड़ापति कमल तालाब एवं पुराना इंदौर-भोपाल राजमार्ग स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनि जयंती के अवसर पर प्रातः से ही भक्तों का तांता लगा रहा। पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ के साथ ही दोनों मंदिरों में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रसादी ग्रहण की। शनि जयंती के अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा अपने साथियों के साथ दोनों ही मंदिरों में दर्शनार्थ पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शनि की पूजा-अर्चना की, वहीं हवन में आहूतियां छोड़ी। साथ ही भंडारे के दौरान प्रसादी ग्रहण करने पहुंची नन्हीं कन्याओं को तिलक लगाकर व पूजा कर प्रसादी परोसी। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मेवाड़ा ने समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले विशाल भंडारे के लिए बधाई दी, वहीं भगवान शनि से प्रार्थना की कि समिति सदस्यों सहित श्रद्धालुओं के भंडार भगवान शनि देव हमेशा भरते रहे, उनकी पीड़ा, तकलीफ को हरते रहे। श्री मेवाड़ा ने आगे कहा कि ज्योतिष में भगवान शनि को न्यायाधिकारी माना गया है, अच्छे-बुरे कर्म के आधार पर व्यक्ति को फल प्रदान करते हैं। यह भी मान्यता है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से कोई नहीं बच सकता है, लेकिन शनि जयंती पर शनि देव की विशेष पूजा, दान पुण्य करने से शनि की महादशा के दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं। भगवान शनि एक देवता के रूप में पूजनीय हैं जो शनि ग्रह पर शासन करते हैं और माना जाता है कि वे अपनी अनूठी ऊर्जा के माध्यम से लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। जबकि वह अक्सर कठिनाइयों और चुनौतियों से जुड़े होते है। भगवान शनि को न्याय के निर्माता और अनुशासन एवं आत्म-अनुशासन का अग्रदूत भी माना जाता है। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के साथ पार्षद रवि शर्मा, तेजसिंह राठौर, सुभाष नामदेव, रामचरण बैरागी, पुजारी महेश गिरी, संजय प्रजापति, विजय मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में भक्तगण, श्रद्धालुजन मौजूद थे। Please follow and like us: Post Views: 879 Post navigation शहीद भगत सिंह शासकीय महाविद्यालय आष्टा में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में वृक्षारोपण किया गया नमामि गंगे अभियान के तहत वार्ड 18 के प्राचीन कुंए की सफाई एवं उस पर बिछाई जाये लोहे का जाल वार्ड पार्षद लता मुकाती ने नपा को लिखा पत्र,सीएमओ ने रात्रि में किया निरीक्षण