रिपोर्टर संजय वर्मा आष्टा के संचेती परिवार का वीर परिवार के रूप में किया सम्मान,भेंट किया अभिनन्दन पत्रआष्टा । श्री अखिल भारतीयवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ बीकानेर के मार्गदर्शन में आज श्री महावीर भवन स्थानक आष्टा में व्यसन मुक्ति के प्रेणता,दीक्षा दानेश्वरी, आगम ज्ञाता आचार्य प्रवर1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब का सुवर्ण दीक्षा महामहोत्सव “महत्तम महोत्सव” के रूप में त्याग,तप,स्वाध्याय,साधना के साथ श्रावक-श्राविकाओं नेपरम पूज्य आचार्य भगवन् श्री 1008 श्री रामलालजी म.साकी आज्ञानुवर्तिनी शिष्याएशासन दीपिका श्री सुप्रज्ञा श्री जी म.सा,साध्वीश्री सुश्रद्धा श्रीजी म.सा,साध्वीश्री सुरचिता श्रीजी म.सा,साध्वीश्री सुहर्षा श्रीजी म.सा आदि ठाणा 4 के शुभ सानिध्य में “महत्तम-महोत्सव- गुरु समर्पण महोत्सव के रूप में मनाया गया। प्रातः 8.30 से 9.30 बजे तक समता शाखा एवं महामंत्र नवकार के जाप हुए एवं 9.30 से 10.30 बजे तक पूज्य महासती जी महाराज साहब के प्रवचन हुए। महाराज साहब ने आज आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब की दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण होने पर गुरु समर्पण महोत्सव को लेकर आयोजित गुणानुवाद धर्मसभा में प्रवचन के माध्यम से कहा कि हमारा अगर कोई सच्चा साथी है तो वो है हमारे देव,गुरु और धर्म । अगर हमने इन्हें पूरे मनोयोग से पूरी निष्ठा से,श्रद्धा से पकड़ लिया तो फिर आपको कही और जाने की जरूरत ही नही है। हमारे देव अरिहंत है उन्होंने सुख और शांति का जो संदेश दिया उसे समझ लिया और अपने जीवन मे उतार लिया तो आपको कही और जाने की आवश्यकता ही नही है। हमारे जो आगम है उसमें जो लिखा है,जो कहा है वो अमृत वाणी है। आगम में जो कहा है अगर उसे समझ लिया,उसे जीवन मे उतार लिया तो ओर उसमे जो कहा है अगर उसके अनुसार कदम आगे बढ़ाते ही रहो मंजिल तक पहुच ही जाओगे। महाराज साहब ने कहा दोष दुसरो में ना देखे,अपने अंदर के छुपे दोषों को खोजे। आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब ने धर्म के क्षेत्र में बहुत कार्य किये है । हमे हमारे द्वारा जो साधना की गई है वो ही हमे सद मार्ग पर आगे ले जायेगी।गुरु जो होते है वे अपने पास कुछ नही रखते है। जो होता है उसे लुटाते रहते है। धर्म की दलाली भी करो धर्म से सबको जोड़ो।आज महत्तम महोत्सव के तहत मनाये गये गुरु समर्पण महोत्सव पर महावीर भवन स्थानक में सामूहिक एकासना तप आराधना की गई जिसमें करीब 74 श्रावक श्राविकाओं ने एकासन तप की तपस्या की । आज श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ बीकानेर की ओर से वीर परिवार अभिनन्दन कार्यक्रम के तहत आष्टा के स्वर्गीय श्री पुखराजमल संचेती परिवार को वीर परिवार के रूप में प्रवचन के पश्चात श्री संघ,श्रावक संघ के लोकेन्द्र बनवट,नगीनचंद्र जैन,विनीत सिंगी,नगीन डूंगरवाल,चांदमल सुरणा,आनन्द रांका,दिलीप संचेती,अभिषेक सुरणा,मनोज बोथरा,रिलेश बोथरा,महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती साधना रांका आदि ने बीकानेर संघ द्वारा भेजे गये सम्मान पत्र,शाल संचेती परिवार को भेंट कर सम्मान एवं अभिनन्दन किया। स्मरण रहे आष्टा नगर के संचेती परिवार के अनमोल रत्न संत श्री कविरत्न वीरेन्द्र मुनि जी के रूप में जिनशासन में समर्पित कर संघ सवंर्धन करने का पुण्यशाली कार्य किया है। भेंट किये अभिनन्दन पत्र का वाचन श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष श्री लोकेंद्र वनबट ने किया । उक्त जानकारी रिलेश बोथरा एवं हेमंत सुरणा ने देते हुए बताया कि महावीर भवन स्थानक में विराजित साध्वी जी के प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे प्रवचन होंगे। सभी श्रावक श्राविकाएं अवश्य पधारे। Please follow and like us: Post Views: 478 Post navigation क्रिसमस की तैयारी: पुष्प विद्यालय प्रांगण, आष्टा में खुशियाँ और रंग का माहौल दूसरे को दुख पहुंचाने के समान कोई पाप नहीं है भगवान की कृपा से 84 लाख विभिन्न योनियों के पश्चात यह मनुष्य शरीर मिला, तो इसे परमार्थ में लगाइए- श्री मिठ्ठूपुरा सरकार