रिपोर्टर/संजय वर्मा ,केवलराम मालवीय बताया जाता है कि मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 15 जून तक होती है पर इस बार 1 सप्ताह लेट मानसून आया वह भी आधा अधूरा, जिसके कारण किसानों में सोयाबीन सहित खरीफ की फसल बोने को लेकर असमंजस था,तो कई किसानों ने तो बरसात होने के एक-दो दिन के अंदर ही सोयाबीन की बोवनी कर दी बाकी कुछ किसान ओर बरसात होने का इंतजार करते रहे आज 30 जून तक हालात यह है कि लगभग थोड़ा बहुत या कहीं कहीं अधिक पानी रोज गिर रहा है जिसकी बदौलत किसानों के खेतों में ट्रैक्टर जैसे बड़े वाहन का प्रवेश नहीं हो पा रहा है और मिट्टी अधिक गीली होने के कारण भी सोयाबीन की बुआई करने में परेशानी हो रही है. ग्राम पंचायत भंवरा के किसान विक्रम सिंह परमार साहब ने बताया कि मौसम बार-बार करवट बदल रहा है कुछ समय के लिए बूंदाबांदी होने लगती है फिर 4 घंटे बाद हम खेतों में सोयाबीन बोने के लिए तैयार हो जाते हैं कुछ समय तक सोयाबीन खेत में बोने के बाद फिर हल्की फुल्की बरसात हो जाती है जिसके कारण ट्रैक्टर के पहियों में मिट्टी चिपकने लगती है साथ ही अधिक बरसात होने के कारण खेतों में खरपतवार ज्यादा मात्रा में उग आए हैं जिसके कारण भी परेशानी हो रही है. जावद क्षेत्र के किसान जय सिंह ठाकुर साहब ने बताया कि हमारे जावर क्षेत्र में भी खरीफ की फसल की बुवाई करने में किसान लेट हो चुके हैं और चिंतित भी है अब सभी किसान खेती बाड़ी के काम में तन्मय के साथ लग गए हैं बरसात रुके तो हम खेत में सोयाबीन की बोनी करें,वही ग्राम डाबरी के युवा किसान जगदीश चौहान पटेल का कहना है कि मौसम और किसानों के बीच प्रतियोगिता चल रही है मौसम जहां बरसात करके हार नहीं मान रहा है वही हम किसान भाई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है जैसे ही थोड़ी बहुत कोर आती है हम तुरंत खेत में बोवनी करना शुरू कर देते हैं आष्टा तहसील में कहीं-कहीं पर गहरी जमीन होने के कारण अधिक बरसात में खेत में क्वार्टर नहीं आ पाती है जिसके कारण खरीफ की फसल बोने में समय लगता है और कहीं पर थोड़ी हल्की जमीन होने के कारण थोड़ी बहुत बरसात से कोई फर्क नहीं पड़ता है जबकि सिद्धीकगंज और खाचरोद गांव के आसपास 5 दिवस पूर्व ही किसानों ने सोयाबीन की बोनी कर दी है. Please follow and like us: Post Views: 351 Post navigation मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को सीधा प्रसारण कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सुना हकीमाबाद निवासी मंजू पिता मानसिंह परमार ने पटवारी चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया, क्षेत्र के लोगों ने शुभकामनाएं दी