संजय वर्मा /केवल राम मालवीय आष्टा – गुरु के बिना इस जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। गुरु का स्थान ईश्वर और माता पिता से भी ऊपर रखा गया है। गुरु ही मुनुष्य को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाते हैं। जिस प्रकार एक सुनार सोने को तपाकर उसे गहने का आकार देता है, ठीक उसी प्रकार एक गुरु भी अपने शिष्य के जीवन को मूल्यवान बनाता है। उसे सही गलत को परखने का हुनर सिखाता है। बच्चे की पहली गुरु मां होती है, जो हमें इस संसार से अवगत कराती हैं। वहीं दूसरे स्थान पर गुरु होते हैं जो हमें ज्ञान व भगवान की प्राप्ति का मार्ग बताते हैं।इस आशय के विचार कृष्णाधाम आश्रम मे आयोजित भव्य गुरुपूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने व्यक्त किए. नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा एवं सीएमऒ राजेश सक्सेना द्वारा गुरुमाँ कृष्णा का पुष्पगुच्छ भेटकर गुरुपूर्णिमा की शुभकामनायें दी व आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके पूर्व सीएमऒ राजेश सक्सेना के नेतृत्व मे नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा का स्वागत कर उन्हें गुरुपूर्णिमा की बधाई शुभकामनायें दी. इस अवसर पर पूर्व पार्षद सुभाष नामदेव, अनिल धुर्वे, मनीष श्रीवास्तव, अवनीश पिपलोदिया, संजय शर्मा सहित अन्य नपा कर्मचारीगण मौजूद थे. Please follow and like us: Post Views: 685 Post navigation गुरु दिक्षा के बाद शिष्य के सभी कार्य अपने गुरु और भगवान् द्वारा संचालित होते है नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने किया जलभराव स्थिति का निरीक्षण