संजय वर्मा 9893463143 सफलता का रूप अलग-अलग होता है, अपने अंदर की प्रतिभा को जगाएं – गोपालसिंह इंजीनियर आष्टा। माहेश्वरी समाज के आराध्य भगवान महेश जी की जयंती के अवसर पर नगर में समाजजनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित कॉलोनी चौराहा स्थित गीतांजली गार्डन से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ की गई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई पुनः गीतांजली गार्डन पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। कार्यक्रम में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर मुख्य अतिथि के रूप में उस्थित थे, वहीं नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, गल्ला मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष रूपेश राठौर, पार्षद रवि शर्मा, सुभाष नामदेव, अनिल श्रीवास्तव विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन थे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों व समाज के वरिष्ठजनों द्वारा भगवान महेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण व आरती की गई। तत्पश्चात्् समाज की प्रतिभाओं का प्रतिक चिन्ह भेंटकर अतिथियों द्वारा सम्मान एवं समाज की पत्रिका का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने महेश नवमी की समाजजनों को बधाई देते हुए कहा कि समाज के गौरवशाली मेघावी छात्रों की महाविद्यालय की फीस माफ हो इस हेतु प्रयास किया जाएगा। समाज के प्रतिभावान बच्चों को सम्मान के रूप में आज अपने परिश्रम का इनाम मिल रहा है, पर जो बच्चे आज यहां जगह नहीं बना पाये हैं उन्हें इनसे सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनौती कोई भी हो, प्रयास से उसे दूर किया जा सकता है। यह कार्यक्रम इसी बात का प्रमाण है। सफलता का रूप अलग-अलग होता है, अपने अंदर की प्रतिभा को जगाएं और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। भगवान महेश की जयंती मनाने के अवसर से समाज में एक नई चेतना का संचार तो होता ही है, वहीं संपूर्ण समाज एकजुटता के साथ भगवान की आराधना करते है यह दृश्य अपने आपमें ही अनूठा बन जाता है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि रायसिंह मेवाड़ा ने उपस्थितजनों को महेश जयंती की बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के बगैर मानव में संस्कार डालना टेड़ी खीर है इसलिए संस्कारवान समाज के लिए शिक्षा आवश्यक है। जब तक शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं होगा। किसी समाज का स्तर सुधर नहीं सकता। प्रतिभावान छात्रों को सम्मान मिलना चाहिए। इससे उनमें उत्साह व लगन बढ़ती है। प्रतिभा उभर कर सामने आती हैं। दतिया का विकास तभी संभव होगा जब मानव की सोच में बदलाव आएगा। हमें हर बच्चे को संस्कारवान बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वयं को भूखा रखकर दूसरे को खाना खिलाना हमारी संस्कृति और संस्कार है। इस अवसर पर समाज के समाज अध्यक्ष मनीष धारवां, युवा अध्यक्ष तरूण नागौरी, महिला अध्यक्ष कल्पना बाहेती, समाज के वरिष्ठ महेन्द्र मूंदड़ा, प्रकाश मूंदड़ा, लोकेन्द्र धारवां, ललित नागौरी, संतोष झंवर, बाबूलाल आर्य, राजमल धारवां सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे। Please follow and like us: Post Views: 687 Post navigation 16 वां अखिल भारतीय सर्व रजक समाज युवक / युवती परिचय सम्मेलन 16 जून को भोपाल में रजक समाज का युवक युवती परिचय सम्मेलन भोपाल में संपन्न हुआ, 150 से अधिक युवाओं ने परिचय दिया