पीएम मोदी के तीसरी बार सत्ता में लौटने के पाक-चीन और दुनिया के लिए क्या हैं मायने? #NarendraModi #Lok Sabha #Elections2024 नई दिल्ली।भाजपा नीत एनडीए के बहुमत के जादूई आंकड़े को छूने की ओर तेजी से बढ़ने के साथ ही नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं.भाजपा नीत-एनडीए लोकसभा चुनाव में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा छूने जा रही है और इसी के साथ 73 वर्षीय नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है. इस जीत के साथ प्रधानमंत्री मोदी दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश का नेतृत्व करेंगे. आइए जानते हैं बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के दुनिया के लिए क्या मायने हैं… पाकिस्तान इस्लामाबाद पर सीमा पार आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान से बातचीत करने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है. पहली बार केंद्र में सरकार बनने के ठीक एक साल बाद 2015 में पीएम मोदी अचानक लहौर पहुंचे थे. उन्होंने अपनी तरफ से दोनों देशों के संबंध सुधारने की कोशिश की लेकिन ऐसा हो न सका.मार्च में जब शहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने तो पीएम मोदी ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी थी, इसके बाद फिर से दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच संबंध सुधरने की आस जगी है. अमेरिका और यूरोप अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में स्टेट डिनर पार्टी का आयोजन किया था और भारत और अमेरिका के रिश्तों को 21वीं सदी की निर्णायक साझेदारी बताया था.फरवरी में वॉशिंगटन ने भारत के लिए 4 बिलियन डॉलर के अत्याधुनिक ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दी थी. चीन को साधने के लिए अमेरिका लगातार भारत से अपने संबंध मजबूत कर रहा है. पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल में दोनों देशों के बीच संबंधों के और ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद है.पीएम मोदी के पिछले 10 सालों के कार्यकाल में यूरोपीय देशों से भी भारत के संबंध मजबूत हुए हैं. फ्रांस के साथ भारत को राफेल लड़ाकू जेट और स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की बिक्री सहित अरबों डॉलर के सौदों का विस्तार होने की उम्मीद है. चीन साल 2020 में चीन और भारत के रिश्तों के बीच की खाई उस वक्त और ज्यादा गहरी हो गई थी जब दोनों देशों की सेना के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी.पीएम मोदी के शासनकाल में भारत का डिफेंस सिस्टम मजबूत हुआ है. उनके कार्यकाल में देश और चीन से लगती सीमा को मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए हैं. चीन का मुकाबला करने के लिए भारत ने अपने रक्षा बजट में भी बढ़ोतरी की है.एक-दूसरे को फूटी आंख ना सुहाने के बाद भी चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है. रूस भारत और रूस के बीच शीत युद्ध से मजबूत संबंध है. आज रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है.भारत और रूस के बीच संबंध इतने मजबूत हैं कि यूक्रेन पर हमले के विरोध में संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर भारत ने वोटिंग नहीं की थी. यूक्रेन पर हमले को लेकर जब यूरोपीय देशों ने रूस से व्यापार को लेकर प्रतिबंध लगाए उस समय भी भारत ने रूस से सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदना जारी रखा.हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को फिर से रूस का राष्ट्रपति चुने जाने को लेकर बधाई दी थी. उस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि भारत रूप से साथ विशेष संबंध विकसित करने के लिए उत्सुक है. x ट्विटर पर अपनी जीत पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है देश की जनता-जनार्दन ने एनडीए पर लगातार तीसरी बार अपना विश्वास जताया है। भारत के इतिहास में ये एक अभूतपूर्व पल है। मैं इस स्नेह और आशीर्वाद के लिए अपने परिवारजनों को नमन करता हूं। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम नई ऊर्जा, नई उमंग, नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ेंगे। सभी कार्यकर्ताओं ने जिस समर्पण भाव से अथक मेहनत की है, मैं इसके लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, अभिनंदन करता हूं। Please follow and like us: Post Views: 306 Post navigation आष्टा पुलिस को मिली बड़ी सफलता 4 चोर गिरफ्तार,3 मोटर साइकिल जप्त ,आरोपियों को माननीय न्यायालय ने भेजा जेल नव निर्वाचित सांसद शिवराजसिंह चौहान का किया स्वागत,जीत पर दी बधाई