रिपोर्टर केवलराम मालवीय, संजय वर्मा आष्टा/पूर्णाहुति के साथ ही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआप्राचीन स्थल श्री चिंताहरण हनुमान मंदिर खींचीखेड़ा (मानाखेड़ी)कोटरी के समीप हनुमान मंदिर प्रांगण में श्री नर्मदेश्वर महादेव प्राण प्रतिष्ठा एवं संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा जो पिछले शनिवार 20 मई से शुरू हुआ आयोजन आज 26 मई शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। भागवताचार्य अग्निहोत्री बंधु श्री नर्मदा नंद अग्निहोत्री ने बताया कि 20 तारीख से कथा प्रारंभ हुई,प्रत्येक दिन अलग-अलग महापुरुषों और देवताओं के चरित्र का चित्रण कथा के रूप में सुनाया गया, बड़ी संख्या में कथा सुनने के लिए आसपास के गांव से मातृशक्ति और पुरुष प्रतिदिन उपस्थित रहे,इस बड़े आयोजन में आसपास के ग्राम मानाखेडी, कोठरी, भीलखेड़ी, लसुड़िया खास, रनायल खेड़ा सहित लगभग दस से ज्यादा गांवों के लोगों ने इस आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शुक्रवार 26 मई 2023 को श्री नर्मदेश्वर महादेव के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विधि विधान से समापन हुआ, यज्ञशाला में पूर्णाहुति के तत्पश्चात अंतिम दिवस कथा मैं भगवान श्री कृष्ण और सुदामा के चरित्र का चित्रण किया गया, तत्पश्चात महा आरती करके महा प्रसादी का भंडारा शुरू करवाया गया, जिसमें अल लगभग पन्द्रह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महा प्रसादी का ग्रहण किया। जनपद सदस्य सतीश सोनानिया उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह इंजीनियर, वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश पटेल, इछावर के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश मंत्री कैलाश बगाना, पत्रकार केवलराम मालवीय इंदौर, साथ ही आयोजन में तन मन धन से सहयोग देने वालों में अर्जुन सिंह पटेल,राधेश्याम दलपति,युवराज सिंह चंद्रवंशी, त्रिलोक गुप्ता,सुनिल केलिया, मनोहर वर्मा,चंदर सिंह, ज्ञानचंद्र, संदीप पटेल, ललित धारवां,राहुल वर्मा,धर्म पटेल,गोकुल प्रसाद, देवराज पटेल,कैलाश नारायण, अनूप सेठी, मोहन सिंह, सुरेश पटेल, राकेश कुमार, पत्रकार कृष्णा पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व मातृशक्ति,बच्चे और दानदाता उपस्थित थे। Please follow and like us: Post Views: 294 Post navigation विट्ठलेश सेवा समिति द्वारा निशुल्क रुद्राक्ष वितरण के साथ भोजन एवं दूध की ठंडाई भी वितरित की जा रही है “अमृतम जलम” अभियान लोगों के लिए बना प्रेरणा स्रोत,पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने रजक समाज से प्रेरणा लेने की बात कही