रिपोर्टर संजय वर्मा आष्टा /केवलराम मालवीय गहरे रानी रंग की पोशाक पहनेगे कान्हा जी आष्टा जिला सीहोर/ भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर कोई कोर कसर न रह जाये इसके लिए नगर के श्रीकृष्ण मंदिरों सहित अन्य मंदिरों में मन्दिर प्रबंधन सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ हैं । 07 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जायेगा। श्रीजगदीश्वर धाम राधाकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी से पूर्व विभिन्न संस्कार प्रारंभ कर दिए गए है जो जन्माष्टमी के बाद भागवत सप्ताह पूर्ण होने तक चलते है। नगरपुरोहित परिवार ने बताया की जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान को पहनाई जाने वाली पोशाक तैयार करा कर उसके विभिन्न धार्मिक संस्कार प्रारंभ हो चुके है।गहरे रानी रंग की मनमोहक पोशाक को इस बार भगवान के जन्मोत्सव पर उनको धारण कराया जाएगा । संवत्सर के आधार पर पहनाई जाती पोशाक नगरपुरोहित पं मयूर पाठक ने बताया की विगत सात पीढ़ियों से परंपरानुसार जन्माष्टमी से पूर्व विभिन्न संस्कारों के साथ यह पर्व प्रारंभ हो जाता है।श्री जगदीश्वर धाम में हिंदू संवत्सर नाम के आधार पर पोशाक धारण कराई जाती हैं।इस वर्ष 2080 संवत्सर का पिंगल नाम है इस लिए गहरे रानी रंग की पोशाक भगवान धारण करेंगे।जिसमे स्वर्ण रंग का समावेश कर मोतियों को अलंकृत किया गया है। जिसके पीछे उद्देश्य है की सम्पूर्ण संवत्सर नगर के लिऐ वैभवशाली हो। पोशाक के संस्कार अंतिम दौर मेंभगवान श्री कृष्ण को पहनाई जाने वाली पोशाक के संस्कार अंतिम दौर में है वस्त्र जुलाहा संस्कार,विश्वकर्मा संस्कार,मोर पंख संस्कार,सप्ततीर्थ जल संस्कार आदि कार्य संपन्न कर दश दिग्पाल के संरक्षण में पोशाक का मंत्र जाप किया जा रहा है जो जन्माष्टमी पर पूर्ण होगा। पोशाक आकर्षक लगे इसका भी विशेष ध्यान रखा गया हैं । पोशाक के साथ साथ गर्भगृह में लगने वाले वस्त्रों व वस्तुओं पर बने फूल पत्ती, मोर आदि का भी ध्यान रखा गया है। कमलगट्टे व बादाम से होगा अभिषेक पं पाठक ने बताया की श्रीजगदीश्वर धाम में प्रतिवर्ष अलग-अलग साधनों से भगवान श्री लड्डू गोपाल का महा अभिषेक किया जाता है इस वर्ष कमलगट्टे और बादाम से भगवान श्री बाल गोपाल का अभिषेक किया जाएगा।भगवान विष्णु अति वैभवशील हैं। लक्ष्मी के विभिन्न स्वरूपों में से महालक्ष्मी का पदमा स्वरूप सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। पदमा ही धन की मूल देवी हैं। जिनका निवास पदमो वन में होता है। शब्द पदमा पदम से बना है जिसका अर्थ होता है कमल इसी कारण देवी लक्ष्मी को महाविद्या कमला बुलाया गया है।जो श्रीकृष्ण की प्रिय है वैभवशीलता प्राप्ति के लिऐ कमलगट्टे से अभिषेक किया जाएगा। रात को 12:00 बजे बाद आरती की उपरांत आम भक्तों को सिद्ध कमलगट्टे वितरित किए जाएंगे। Please follow and like us: Post Views: 345 Post navigation समूह को बड़ा हुआ राशन कमीशन दिलाने की मांग के साथ ज्ञापन सौंपा शिक्षक दिवस पर हुआ शिक्षकों का सम्मान