Betul नूतन वर्ष पर जन्मी बेटियों को मिला सोने का गणेश लॉकेट और चांदी के लक्ष्मी लॉकेट रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 नूतन वर्ष पर बेटियों के जन्म पर सोने-चांदी के लक्ष्मी देवी प्रतिमा लॉकेट बांटना मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मां शारदा सहायता समिति बैतूल की एक सामाजिक पहल है, जिसका उद्देश्य बेटियों के जन्म को जश्न के रूप में मनाना और लिंग समानता को बढ़ावा देना है संस्था संस्थापक शैलेंद्र बिहारिया ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी धीरज हिरानी थे जिनके सौजन्य से सोने और चांदी के गणेश लॉकेट,लक्ष्मी लॉकेट,सरस्वती लॉकेट और प्रेम को दर्शाने राधा कृष्ण के लॉकेट बेटियों के जन्म पर भेट किए गए और माताओं को भी बेटियों के जन्म पर गिफ्ट भेट किए गए ताकि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को बल मिले और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता बढ़े. कार्यक्रम में समिति के जिला संयोजक संजय शुक्ला,मुकेश गुप्ता,महिला अध्यक्ष श्रीमती हेमा सिंह चौहान अध्यक्ष पिंकी भाटिया,कार्यकारी अध्यक्ष हिमांशु सोनी,निमिष मालवीय,डॉ सागर बिँझाड़े,कृष्णा चौधरी, अनंत तिवारी,महेंद्र मालवी,संतोष धुर्वे,गन्नू रावत,संतोष ओमकार,प्रकाश बंजारे,जगदीश किरोदे,अजय बारस्कर,आशीष यादव,दीप मालवीय, नितिन अग्रवाल,मनीष मिश्र,दीपक नानकर ,राहुल उडूकले और महिलाओं में साक्षी शर्मा,सुषमा सोनी,नूतन लुहाड़िया,रुक्मणि सुनारे,लक्ष्मी साहू,प्रमिला कामदकर लता साकरे नारी शक्ति के रूप में उपस्थित थे गोल्डन गर्ल बनी :इस अवसर पर सारिका पति मुकेश की मासूम बिटिया जिनका जन्म एक जनवरी 2026 को जिला चिकित्सालय में सबसे पहले हुआ वह गोल्डन गर्ल बनी उसे सोने का गणेश जी का लॉकेट भेट कर माताओं को उपहार दिया गया। सिल्वर गर्ल बनी : अन्य 14 जन्मी बेटियों को चांदी के लक्ष्मी ,दुर्गा,राधा कृष्ण के लॉकेट भेट कर माताओं का सम्मान कर उपहार भेट किया गया। इस अवसर पर मासूम सिकल सेल पीड़ितों को फुटबॉल ओर ड्राईफूड बाटे गए साथ ही उनके लिए रक्तदान किया गया। इन्होंने कहा : इस अवसर पर धीरज हिरानी ने कहा कि आज भी बेटियों के जन्म पर पूरा परिवार मायूस नजर आता है बेटों के जन्म पर मिठाई बाटी जाती है इसलिए इस प्रथा को बदलने बेटियों के जन्म को उत्सव का रूप दिया गया है। इस अवसर पर शैलेंद्र बिहारिया ने कहा मेहंदी कुमकुम रोली का त्यौहार नहीं होता,रक्षा बंधन में फिर चंदन का प्यार नहीं होता और वह घर हरदम सुना सुना रहता है जिस घर में बेटियों का अवतार नहीं होता उन्होंने कहा कि बैतूल जिले में 1000 पुरुषों पर 971 महिलाओं का अनुपात है जिसे सम करने की जरूरत है। इस अवसर पर डॉक्टर रानू वर्मा,डॉक्टर रूपल श्रीवास्तव,डॉक्टर भावना कवड़कर,काउंसलर शिल्पा वर्मा का भी सम्मान किया गया। साक्षी शर्मा ने बेटी बचाओ पर बहुत सुंदर गीत गाकर सबको रुला दिया आभार शैलेंद्र बिहारिया ने व्यक्त किया । रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 161 Post navigation आमला श्री शिव महापुराण कथा 1 जनवरी 26 दिन गुरुवार को समापन हुआ, भंडारा प्रसादी लेने के लिए भक्तों की लगी भीड़ पाढुरना रजक समाज के सत गाडगे बाबा के अनुयाई लोगों ने किया स्वागत