Betul कार्यालय पुलिस अधीक्षक थाना कोतवाली दिनांक : 15 दिसंबर 2025 7 माह में एक म्यूल (फर्जी) खाते से ₹10 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 साइबर ठगी व अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा फर्जी फर्म के जरिए खाते उपलब्ध कराने वाला, सिम बेचने वाला व अकाउंट खरीदने वाला गिरफ्तार बैतूल पुलिस की बड़ी कार्रवाई — कुल 9 आरोपी पुलिस गिरफ्त में, करोड़ों की मनी-ट्रेल जांच जारी बैतूल जिले में सामने आए अब तक के सबसे बड़े संगठित साइबर ठगी एवं अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के प्रकरण में बैतूल पुलिस ने निरंतर प्रभावी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्म, म्यूल खातों, अवैध सिम बिक्री एवं अकाउंट खरीद-फरोख्त की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया है। दिनांक 14 दिसंबर 2025 को की गई नवीन कार्रवाई में 03 अतिरिक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक ₹9.84 करोड़ से अधिक के अवैध ऑनलाइन लेन-देन का खुलासा हो चुका है, जबकि एक म्यूल खाते में सात माह के भीतर ₹10 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन पाया गया है। यह संपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के निर्देशन में गठित साइबर सेल एवं विशेष SIT टीम द्वारा की गई सुनियोजित विवेचना का परिणाम है। अब तक की पुलिस कार्रवाई- प्रकरण में पूर्व में 06 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। नवीन कार्रवाई के बाद अब तक कुल 09 आरोपी पुलिस अभिरक्षा में हैं। गिरफ्तारी क्रम- 20 नवंबर 2025 — प्रथम बड़ी कार्रवाई (03 आरोपी) 1. राजा उर्फ आयुष चौहान 2. अंकित राजपूत 3. नरेंद्र सिंह राजपूत 07 दिसंबर 2025 4. अमित अग्रवाल (इंदौर से गिरफ्तार) 11 दिसंबर 2025 — इंदौर से गिरफ्तारी 5. राजेन्द्र राजपूत (पूर्व में फरार) 6. ब्रजेश महाजन 14 दिसंबर 2025 — नवीन गिरफ्तारी (03 आरोपी) 7. अश्विन धर्मवाल (खंडवा से गिरफ्तार) 8. प्रवीण जयसवाल (खंडवा से गिरफ्तार) 9. पीयूष राठौड़ (बैतूल से गिरफ्तार) नवीन गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका 1-अश्विन धर्मवाल — फर्जी फर्म के जरिए म्यूल खातों को फंडिंगसाइबर जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैतूल जिले के 7 म्यूल खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन फर्जी फर्मों के माध्यम से किया गया। अश्विन धर्मवाल द्वारा जानबूझकर “अश्विन एग्रो” (खिरकिया, जिला हरदा) नामक फर्जी फर्म पंजीकृत कराई गई तथा उसका चालू खाता अवैध ऑनलाइन बेटिंग एवं साइबर ठगी के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों को सौंप दिया गया। पैसों के लालच में अपराध की जानकारी होते हुए भी खाते का दुरुपयोग होने दिया गया, जिससे लगभग ₹2 करोड़ 70 लाख की राशि म्यूल खातों में प्रवाहित हुई। फर्म “अश्विन एग्रो” के खाते से बैतूल सहित अन्य खातों में कुल ₹10 करोड़ 12 लाख की अवैध राशि का ट्रांजैक्शन पाया गया। अपराध की कार्यप्रणाली:- अवैध ऑनलाइसाइबरन बेटिंग एवं गेमिंग से प्राप्त राशि पहले फर्जी फर्मों के चालू खातों में भेजी जाती थी, तत्पश्चात वहां से म्यूल खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर की जाती थी। 2- प्रवीण जयसवाल — अकाउंट खुलवाने व उपलब्ध कराने वाला मुख्य कड़ी प्रवीण जयसवाल इस पूरे नेटवर्क में बैंक खाते खुलवाने एवं उन्हें आगे उपलब्ध कराने वाला प्रमुख सदस्य रहा है। जांच में सामने आया कि “अश्विन एग्रो” फर्म खुलवाने में इसकी निर्णायक भूमिका रही। उसने आर्थिक प्रलोभन देकर फर्जी दुकान स्थापित कराई, जिसमें दिखावे के लिए खाली बोतलों में पानी भरकर खाद्य एवं केमिकल उत्पादों के लेबल लगाए गए, ताकि फर्म वास्तविक प्रतीत हो। प्रवीण द्वारा अब तक खरगोन, खंडवा, हरदा, इंदौर एवं जालगांव (महाराष्ट्र) में लगभग 50 व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाए गए, जिनमें से करीब 20 चालू खाते हैं। चालू खातों की किट अन्य सहयोगी आरोपियों को अवैध लेन-देन हेतु सौंप दी जाती थी। 3- पीयूष राठौड़ — अवैध सिम कार्ड सप्लायर पीयूष राठौड़ द्वारा अवैध रूप से सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाने का खुलासा हुआ है। वह ग्राहकों को भ्रमित कर दो बार बायोमेट्रिक प्रक्रिया कराता था — एक सिम ग्राहक को देकर दूसरी सिम अपने पास रख लेता था, जिसे बाद में अपराधियों को बेच दिया जाता था। जांच में यह भी पाया गया कि पीयूष द्वारा राजा को 02 सिम ₹5,000 में बेचे गए। बिना दस्तावेज सिम उपलब्ध कराने की यह श्रृंखला संगठित साइबर अपराध को मजबूती प्रदान कर रही थी। अपराध की कार्यप्रणाली एवं कमीशन का लालच (जन-जागरूकता हेतु महत्वपूर्ण तथ्य) जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि आरोपीगण द्वारा कमीशन के लालच में जानबूझकर बैंक खाते उपलब्ध कराने की संगठित व्यवस्था अपनाई गई। खाताधारकों ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से अपने बैंक खाते, डेबिट कार्ड, चेकबुक एवं ओटीपी अन्य व्यक्तियों को सौंपे। नेटवर्क में खातों के लिए पूर्व-निर्धारित कमीशन दरें तय थीं— * सेविंग अकाउंट उपलब्ध कराने पर ₹10,000 प्रति खाता * चालू (करंट) अकाउंट उपलब्ध कराने पर ₹26,500 प्रति खाता जांच में यह भी पाया गया कि किसी फर्म/कंपनी का करंट अकाउंट खुलवाने हेतु फर्जी दुकानों/प्रतिष्ठानों का दिखावा किया जाता था। इन दुकानों में नकली सामग्री, खाली बोतलें, डमी स्टॉक एवं फर्जी साइन बोर्ड रखे जाते थे, ताकि बैंक निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान वास्तविक प्रतीत हो और बैंक अधिकारियों द्वारा चालू खाता खोल दिया जाए। खाता खुलने के बाद उसकी किट एवं नियंत्रण अन्य सहयोगी आरोपियों को सौंप दिया जाता था, जिनका उपयोग अवैध ऑनलाइन बेटिंग एवं साइबर ठगी की राशि के बड़े पैमाने पर लेन-देन हेतु किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि करंट अकाउंट में डेबिट फ्रीज़ की सुविधा नहीं होने एवं उच्च ट्रांजैक्शन सीमा उपलब्ध होने के कारण अपराधियों द्वारा करोड़ों रुपये के निरंतर ट्रांजैक्शन इन्हीं खातों के माध्यम से किए जाते थे। पुलिस द्वारा ऐसे सभी खातों एवं खाताधारकों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है तथा यह स्पष्ट किया जाता है कि कमीशन के लालच में खाता उपलब्ध कराना स्वयं एक दंडनीय अपराध है, जिसमें संबंधित खाताधारक को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। जप्त सामग्री- प्रकरण में गिरफ्तार सभी आरोपियों से एक-एक मोबाइल फोन जप्त किया गया है, जिनमें अवैध लेन-देन, संपर्क सूत्र एवं डिजिटल साक्ष्य पाए गए हैं। जप्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा जा रहा है। अब तक कुल गिरफ्तारियाँ- दिनांक आरोपी संख्या 20 नवम्बर 2025 राजा, अंकित, नरेंद्र 03 07 दिसम्बर 2025 अमित अग्रवाल 01 11 दिसम्बर 2025 राजेन्द्र, ब्रजेश 02 14 दिसम्बर 2025 अश्विन, प्रवीण, पीयूष 03 कुल — 09 आरोपी आगे की जांच- * जप्त डिजिटल उपकरणों का गहन फॉरेंसिक विश्लेषण * अवैध ऑनलाइन बेटिंग व साइबर ठगी की मनी-ट्रेल की विस्तृत जांच * नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार एवं सहयोगी आरोपियों की तलाश जारी ऑपरेशन में शामिल टीम- DSP दुर्गेश आर्मो, निरीक्षक नीरज पाल, SI अश्विनी चौधरी (साइबर), SI नवीन सोनकर (साइबर), SI उत्तम मस्तकार, SI राकेश सारेयाम, SI रवि शाक्य, HC तरुण पटेल, HC शिव उइके, आर. दीपेन्द्र सिंह (साइबर), आर. राजेंद्र धाड़से (साइबर), आर. बलराम राजपूत (साइबर), आर. पंकज (साइबर) एवं आर. सचिन हनवते (साइबर) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 जारीकर्ताता Please follow and like us: Post Views: 189 Post navigation Betul रक्त की कमी से जंग में बच्चों की जिद बनेगी संजीवनी बैतूल से पूरे प्रदेश तक पहुंचेगा सेवा का संदेश आमला पत्रकार पर झुठी एफ.आई.आर दर्ज होने पर पत्रकार सघ में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग , सघ ने सौपा ज्ञापन