* 《 *भगवान को पाने के लिए जीवन से शिकायत नहीं, प्रेम करें*》 रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 11.12.2025 गुरुवार ,आमला में सती भाई सांई दास सेवा दल के सदस्यों ने सत्संग का आयोजन किया, जिसमें हरियाणा के कला नौर से गुरु श्री राम सुख दास महाराज जी ने उपस्थित श्रोताओं को अपने जीवन में द्वेष, ईर्ष्या, घृणा,क्रोध, विलासिता जैसी बुराइयों से दूर रहने और सादगी, सहजता,सद्भाव, विनम्रता, सकारात्मकता,परोपकार, मैत्री भाव जैसे पवित्र गुणों के साथ परमात्मा की प्राप्ति के प्रयास करने का आह्वान किया| आपने कहा कि हमारा व्यवसाय, नौकरी, परिवार तो शरीर के साधन हैं, https://firstkhabarbharat.in.net/wp-content/uploads/2025/12/VID-20251213-WA0400.mp4 हमारा मुख्य स्वरूप तो परमात्मा का है और परमात्मा को पाने के लिए ही शरीर बना है, दिव्य मानव शरीर में प्रभु ने विवेक और चेतना का समावेश किया है ,इसलिए हमें अपने जीवन के लक्ष्य को पहचानना है, हम परोपकारी बनते हैं तो दुआएँ आती हैं और दुआओं से अपने भीतर जाग्रति आती है , इसी प्रकार भलाई से आंतरिक ज्ञान की समझ आती है और सब की सहायता करने से… मैं क्या हैं ?कौन हूं?किसलिए मेरा जन्म हुआ है? इन प्रश्नों के उत्तर प्राप्त होने लगते हैं, फिर जीवन में संतुष्टि आने लगती है और संतुष्टि से परमात्मा को प्राप्त करने का मार्ग सुगम और सरल हो जाता है| भगवान हमें जैसा रखें हम वैसे रहें,सादगी और सरलता बेहद प्रभावी गुण हैं, इन गुणों की शक्ति से ही शिकायतें समाप्त हो जाती हैं और प्रभु की समीपता स्वतः हो जाती है | जब मछली पानी से बाहर होती है तो उसे पानी के महत्व का पता चलता है ,इसी प्रकार भगवान से दूरी होने पर भगवान के महत्त्व का पता चलता है| अचेतन मन ही बुराइयों की जड़ है, चेतना में जीने से अवगुणों का नाश होता है | और परम लक्ष्य आसानी से प्राप्त होता है | हमें आकाश से ऊर्जा , धरती से उर्वरा प्राप्त होती है, अन्न से हमारा पोषण होता है, प्रकृति का कोई भी तत्व ऐसा नहीं जो परोपकारी ना हो, सब उपकार करते हैं, हम इनके प्रति आदर रखें, सम्मान रखें, इनकी रक्षा करें और उदारता से पेश आएँ, मन विशाल रखें, परमात्मा को रिझाने के लिए भी उदारता अचूक उपाय है | सत्संग के प्रारम्भ में श्री गुरुजी ने अपने मधुर स्वर में संगीत के साथ गुरुवाणी सुनाई, आपके साथ पधारे श्री रघुनन्दन जी ने भजन सच्चे पात शाह बक्श मेरी खता …………सुनाकर उपस्थित श्रोताओं की आंखें नम कर दी| श्रीमती सोनिका गूगनानी ने अपनी सुरीली आवाज में दीनानाथ सुनो अरदास….भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया | सत्संग समापन पर सभी ने श्री गुरुजी के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया और गुरुजी से भेंट की |इस भक्तिमय आयोजन में लंगर प्रसाद की व्यवस्था श्री नवीन गूगनानी की ओर से की गई और अल्पाहार तथा विश्राम की व्यवस्था सेवादार श्री हेमंत गूगनानी के निवास पर हुई | पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका में प्रमुख रूप से सेवादार कालीचरण गिरधर, दाता राम गूगनानी ,मदनलाल गूगनानी ,राजेन्द्र गूगनानी ,हेमंत गूगनानी ,महेन्द्र गूगनानी ,जय गूगनानी,डाक्टर शिशिर गूगनानी , नवीन गूगनानी ,चरणजीत गूगनानी ,वीरेंद्र मनोचा,यश गूगनानी , यथार्थ गूगनानी , किशोर गूगनानी रहे | *आमला समाचार, गुरुवार, 11.12.2025 सती भाई सांई दास सेवा दल, आमला* रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 122 Post navigation निलय के जन्मदिवस पर भावविभोर विलय हुए जीवन जमीन और संगठन Betul रक्त की कमी से जंग में बच्चों की जिद बनेगी संजीवनी बैतूल से पूरे प्रदेश तक पहुंचेगा सेवा का संदेश