रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏थं रेलवे कर्मचारी एवं समाज सेवक द्वारा लगाए गए हरे भरे पेड़ के गले पर चलाई जा रही है कटर— आमला शहर के नगर पालिका क्षेत्र के रेलवे कॉलोनी में जल जंगल जमीन बचाने की सरकार अपील कर रही है वही एक तरफ रेलवे कॉलोनी में चंद रुपए के चक्कर में ठेकेदार लोग हरे भरे पेड़ पर आरा मशीन चलाई जा रही है रेलवे कॉलोनी में कई प्रकार के प्रजा जाति के पेड़ लगे हुए हैं करीब दो दर्जन हरे भरे पेड़ पर ठेकेदारी के कर्मचारी बरसों पुराने पेड़ के गले पर कटर चलाई जा रही है कई कर्मचारियों ने हरे भरे पेड़ काटने का विरोध जताते हुए कहा है कि हमारे पिताजी ने सन 1995 में पीपल और निलगिरी का पेड़ लगाया था वह आज 30 से 35 फिट का हो गया है जिसको आज ठेकेदार के कर्मचारियों ने हमारी नजरों के सामने 20 मिनट में काटकर गिरा दिया यह पेड़ हमारे स्वर्गीय पिताजी की निशानी थी हम इसकी बहुत घोर निंदा करते हैं यदि ठेकेदार के घर के सामने का हरा भरा पेड़ कटेंगे तो उसको कैसा लगेगा रेलवे विभाग ने जो पेड़ सुखा हैं और गिरने की स्थिति में है ऐसे 181 पेड़ को काटने का ठेका दिया था लेकिन ठेकेदार द्वारा हरे भरे पेड़ पीपल निम नीलगिरी अन्य प्रजा जाति के पौधों को काट रहे हैं समाज सेवक व्यापारी प्रगतिशील के अध्यक्ष अनिल सोनी वकील राजेंद्र उपाध्याय रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर के अध्यक्ष रामप्रसाद पवार का कहना है कि हमारे पिताजी के द्वारा लगाए हुए पेड़ों पर आज ठेकेदार कट्टर चलाकर उन्हें गिरा रहे हैं हमें बहुत दुख हो रहा है इसकी हम घोर निंदा करते और कोरोना कल में ऑक्सीजन के महत्व को समझा दिया इसके बाद भी हरे-भरे पेड़ों को काटना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना एक दिन मनुष्य पशु पक्षी को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ेगा नगर पालिका और फॉरेस्ट ऑफिस से पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं ली समाज सेवक एवं बुद्धिजीवी लोगों में भारी रोष है सभी सामाजिक बंधु एवं बुद्धिजीवी लोग इसका विरोध करना चाहिए एक ज्ञापन डीआरएम को ज्ञापन देना चाहिए रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 313 Post navigation थाना सारणी द्वारा बदमाश सुनील उर्फ लेफ्टी के विरुद्ध NSA की कार्यवाही रेलवे कर्मचारी एवं पर्यावरण मित्रों समाज सेवक ने पत्रकारों को कहां की आपकी मेहनत को नमन