रिपोर्टर संजय वर्मा/ केवलराम मालवीय आष्टा जिला सीहोर/जहां गोपालजी के बड़े मंदिर में बड़ी साज सज्जा कर भगवान कृष्ण के चरित्र का वर्णन को युवाओं को प्रेरित करने को दर्शाया गया। सभी मंदिरों में कृष्ण भगवान आकर्षक सक सज्जा के साथ,फूल,लाइटिंग द्वारा सुंदर सजाया गया एवम दिन भर भजन पूजन अभिषेक हुए वही नगर में भाऊ बाबा मंदिर, बजरंग कॉलोनी में चौराहे पर दही हांडी का आयोजन किया गया।जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है । इसे कृष्णष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान कृष्ण के अनुयायियों के लिए जन्माष्टमी का त्यौहार बहुत महत्व रखता है. यह त्योहार कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाता है. जन्माष्टमी का त्योहार देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में धूम-धाम से मनाया जाता है.नगर के राम मंदिर बुधवारा,विश्वकर्मा मंदिर,ताम्रकार समाज मंदिर, राठौर मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर मालवीय समाज, नगर पुरोहित का जगदीश्वर धाम नजरगंज आष्टा, नामदेव छीपा समाज मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर सोनी समाज, प्राचीन श्री गणेश मंदिर, श्रीनाथ मंदिर बड़ा बाजार आदि नगर के सभी मंदिरों में में आकर्षक साज सज्जा के साथ रात्रि 12:00 बजे भगवान कृष्ण की आरती की गई एवं प्रसाद वितरण किया गया, आलकी की पालकी, जय कन्हैया लाल की के जय घोष के साथ पूरा नगर गुंजायमान हो गया।नगर पुरोहित पंडित मनीष पाठक ने बताया कि आष्टा स्थित जगदीश्वर धाम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रात 8:00 बजे ड्राई फ्रूट्स से महा अभिषेक किया गया वहीं संध्या 7:00 बजे को महिला संगीत का आयोजन रखा गया तत्पश्चात रात्रि 12:00 बजे महा आरती करके जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया इस दिन भर के बड़े आयोजन में नगर के मातृशक्ति एवं पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। Please follow and like us: Post Views: 313 Post navigation शिक्षक दिवस पर हुआ शिक्षकों का सम्मान आष्टा में श्रीनाथ जी की हवेली में श्रद्धालुओं ने धूमधाम मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव