*30 साल से कर रहे रक्तदान के लिए प्रेरित,रक्त क्रांति की दिशा में बढ़ रहा बैतूल* *रक्तदान पर 4 किताबें तीन फिल्में भी बनाई* *रक्तदान पर आदिवासी रक्तदान जागरूकता गीत भी किया तैयार,रक्तदान को लेकर किए कई नवाचार* *120 किलोमीटर पैदल चलकर भी किया रक्तदान* उपप्रधान सपादकं राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 देशभक्ति सिर्फ़ सीमाओं की रक्षा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है, और रक्तदान इसका एक अद्भुत तरीका है; यह एक ऐसा निस्वार्थ कार्य है जहाँ आप अपना रक्त देकर किसी ज़रूरतमंद की जान बचाते हैं, जिससे समाज और देश के प्रति आपकी जिम्मेदारी पूरी होती है और यह ‘रक्तदान महादान’ कहलाता है, जो हमें दूसरों से जोड़ता है और बेहतर महसूस कराता है. इसी उद्देश्य से गर्ग कालोनी और रामनगर के 10 लोगो द्वारा 1995 से एक ऐसा सामाजिक संगठन शुरू किया गया जिसने बैतूल जिले में रक्त क्रांति की मिशाल कायम की यह संगठन फोटो से दूर रहकर 30 सालों से निरंतर रक्तदान की अलख जगा रहा है 1995 से ही शारदा मंदिर गर्ग कालोनी से प्रारंभ हुआ यह संगठन आज विशाल आकार ले चुका है संगठन ने 1998 से प्रत्येक वार्ड और ग्रामों में जाकर रक्तसमूह परीक्षण शिविर लगाए और 6000 रक्तदाताओं कि प्रथम पुस्तक जीवन रक्त पूर्व विधायक शिवप्रसाद राठौर जी के हस्ते विमोचन कराया इसके बाद से संस्था ने हर जरूरतमंद के लिए रक्त उपलब्ध कराया पाढर बैतूल,भोपाल,नागपुर तक संस्था के रक्तवीरो ने जाकर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान किया संस्था द्वारा समय समय पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त संग्रह कर मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया गया जिस समय मोबाइल फोन लोगों के पास नहीं हुआ करते,लोग रक्तदान का नाम सुनकर भाग जाते थे ऐसे विपरीत समय में संस्था ने रक्तदान का कार्य किया संस्था ने रक्तदान जागरूकता लाने लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने रक्त क्रांति सम्मान समारोह आयोजित करवाए रंगोली,पेंटिंग,नारे लेखन,रैलियों से रक्तदान जागरूकता के लिए कार्य किया। *4 पुस्तके भी लिखी*- मां शारदा सहायता समिति ने रक्तदान के क्षेत्र में जागरूकता लाने और जरूरत के समय रक्त आसानी से उपलब्ध कराने 4 किताबें प्रकाशित कराई जिसमें प्रथम पुस्तक जीवन रक्त,दूसरी किताब ब्लड डायरी एक नई जिंदगी,तीसरी किताब रक्त क्रांति प्रथम,चौथी किताब रक्त क्रांति पार्ट 2 प्रकाशित कराई जिसमे हजारों रक्तदाताओं का विवरण मोबाइल नंबर,पूरा पता उपलब्ध है साथ ही रक्तदान पर जागरूकता लेख,रक्तदान पर कविताएं भी शामिल की गई,रक्तदाताओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने शतकवीर एवं अन्य रक्तदाताओं का फोटो भी प्रकाशित किया गया रक्तदान की आप बीती एवं थैलेसीमिया और सिकल सेल पीड़ितों का दर्द भी बया किया गया है। *रक्तदान जागरूकता पर तीन डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी की तैयार*- संस्था द्वारा रक्तदान जागरूकता पर फिल्म रक्तदान, फिल्म रेड डोनेशन,फिल्म धुम्रपान नहीं रक्तदान करे बनाई गई एवं विभिन्न शहरों में भेजी गई जिसे देखकर लोग रक्तदान के लिए प्रेरित हुवे साथ ही आदिवासी भाषा में रक्तदान का गीत,मराठी में रक्तदान का संदेश देती शॉर्ट फिल्मी गीत भी तैयार किए गए। *रक्तदान को लेकर किए कई नवाचार*- संस्था द्वारा रक्तदान को लेकर रक्त की दीवार,मिस्टर रक्तदाता बैतूल मिस रक्तदाता बैतूल प्रतियोगिता एवं रक्तदान पर रंगोली,पोस्टर प्रदर्शनी,रक्तदान पर नाटक भी करवाए गए स्कूलों में बालहठ रक्तदान की जिद पत्र लेखन कार्यक्रम करवाए गए जिसमे बच्चों ने अपने परिवार और समाज को सिकल सेल पीड़ितों को रक्तदान करने अत्यंत मार्मिक पत्र लिखे साथ ही जन्मदिन पर,श्रद्धांजलि पर,विवाह अवसर पर रक्तदान का उपहार नवाचार किया गया जिससे रक्तदान के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम आए। *रक्तदान को लेकर वेबसाइट भी की थी तैयार*- संस्था द्वारा रक्तदान को लेकर एक वेबसाइट भी तैयार की गई थी जिससे ऑन लाइन माध्यम से रक्तदान एवं जागरूकता को लेकर कार्य किया जा सके। *5000 लोगो का निकाला पैदल मार्च*- संस्था द्वारा रक्तदान जागरूकता को लेकर रेड कैप और रेड ड्रेस कोड पर आदिवासी गीत संगीत के साथ पैदल मार्च भी निकाला गया जिसमे लगभग 5000 लोगों ने अपनी सहभागिता की। *रक्तदान को लेकर हस्ताक्षर अभियान*- संस्था द्वारा आम जन को रक्तदान के लिए प्रेरित करने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आए साथ ही रक्तदान जागरूकता को लेकर विभिन्न कोचीन संस्थानों कॉलेजों में रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन भी कर जागरूकता कार्य किया गया। व्हाट्सएप रक्तदान ग्रुप के माध्यम से प्रतिदिन जरूरतमंदों को रक्त मिलता है *120 किलोमीटर पैदल चलकर किया रक्तदान*- *जहां भी तीर्थ दर्शन पर जाते हैं वहां रक्त दान भी करते हैं चुनालोहमा के संस्था से जुड़े मनोज कुमार आर्य एवम् भौरा से उनके भांजे पराग मालवीय* *विगत 25 वर्षों से बैद्यनाथ धाम कांवर यात्रा में जाते हैं। बिहार राज्य के सुल्तानगंज से उत्तर वाहिनी गंगा नदी से कांवर में जल भर कर 120 किमी पैदल चल कर झारखंड राज्य स्थित देवघर जिले में बाबा बैद्यनाथ पर जल अभिषेक करते हैं उसके बाद शासकीय अस्पताल सदर में जाकर रक्त दान भी करते है। यात्रा के दौरान शिर्डी शनि शिंगणापुर नासिक उज्जैन के अलावा पड़ोसी देश नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर काठमांडू में भी रक्त दान कर चुके हैं अभी तक बैतूल अस्पताल में सहित 25 वीं बार रक्त दान कर चुके हैं* ताकि लोगों को बता सके कि रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती है। *सायकल से 18 किलोमीटर दूर जाकर किया रक्तदान*- संस्था के अनंत तिवारी और शैलेंद्र बिहारिया ने रायपुर के कैंसर मरीज के लिए बैतूल से पाढर सायकल से जाकर रक्तदान किया विदित है कि उस समय लोगों के पास साइकल ही मुख्य साधन हुआ करती थी सेवा का ऐसा जज्बा शायद ही देखने को मिलता है। *संस्था के ये रहे आधार*- मां शारदा सहायता समिति में रक्तदान के लिए जागरूक करने वाले स्वर्गीय ओमप्रकाश सलूजा,अतीत पवार,दीपू सलूजा,मुकेश गुप्ता,पिंकी भाटिया,रमेश भाटिया,संजय शुक्ला,महेंद्र मालवी, करण प्रजापति,हिमांशु सोनी,अनंत तिवारी,कृष्णा चौधरी,पंजाबराव गायकवाड़, ललित वाघमारे,दिलीप पवार,सुभाष चौधरी,स्वर्गीय नरेंद्र जैन,राहुल मिश्रा,कोमल बामने,पूनम धोटे,दीपा मालवीय,जगदीश किरोदे,पप्पू डांगे,विशाल मिश्रा,नवीन मिश्रा,गिरधारी मालवीय,राजेश पटने,महेश पुडें,रोहित मिश्रा,सुषमा सोनी,धीरज जोजे,राजकुमार गुप्ता,कमलेश बचले,आशीष बेले,संजय गुप्ता,रहमान खान, काेजेम खान,मोइज फ़करी,प्रकाश बंजारे,संदीप सोलंकी,डॉ सागर बिँझाड़े,निमिष मालवी,प्रीतमसिंह मरकाम,मनोहर मालवी प्रमुख रहे है। उपप्रधान सपादकं राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 22 Post navigation सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावर में निशुल्क नेत्र शिविर सम्पन्न, 22 मरीज ऑपरेशन के लिए भोपाल रेफर कार्यालय पुलिस अधीक्षक, जिला बैतूल 12 जून 2026 🔹 *मुलताई पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई* 🔹*अवैध मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान, 32 लीटर शराब जब्त, 9 प्रकरण दर्ज*