* बैतुल ओझा ढाना झोपड़पट्टी में शिक्षा व आत्मनिर्भरता का नया अध्याय NHRACACB की ऐतिहासिक पहल—लोगो ने कहा सरहनीय काम रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 बैतूल (म.प्र.) – जहाँ बड़े-बड़े नेता, अधिकारी और संस्थाएँ कदम रखने से भी कतराती रहीं, वहाँ ‘नेशनल ह्यूमन राइट्स एंटी क्राइम एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (NHRACACB)’ ने शिक्षा और आत्मनिर्भरता की मशाल जलाई है। NHRACACB के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, विख्यात मानवतावादी नेता आदरणीय मोहित गुप्ता जी के मार्गदर्शन में और ब्यूरो की राष्ट्रीय महिला सचिव श्रीमती मीना खंडेलवाल जी के नेतृत्व में, पिछले 10 वर्षों से ओझा डाना झोपड़पट्टी में शिक्षा और सामाजिक उत्थान का कार्य किया जा रहा है। अब तक 80–100 बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ, ब्यूरो ने एक और नया कदम बढ़ाया है – वे बच्चे जिन्होंने सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी, उन्हें रोजगार-उन्मुख कार्यों के प्रति जागरूक करना। इन बच्चों को बढ़ईगीरी, बिजली का काम और अन्य तकनीकी कौशलों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिलाने की योजना बनाई गई है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। कल आयोजित हुए इस अभियान में मीना खंडेलवाल जी के साथ ब्यूरो की सक्रिय कार्यकर्ता रेखा गुजरे, ममता दहाके, हेमा सिंह चौहान और साजिद खान उपस्थित रहे, जिन्होंने झोपड़पट्टी में जाकर बच्चों और अभिभावकों से संवाद किया। इस कार्य में श्री मनोहर धुर्वे का विशेष योगदान सराहनीय रहा है। वहीं, RD स्कूल की शिक्षिका श्रीमती रितु खंडेलवाल ने बस की व्यवस्था कर बच्चों को श्री श्री ज्ञान मंदिर, हमलापुर स्कूल में दाखिला दिलाने में अहम सहयोग दिया। यह भी कड़वी सच्चाई है कि आज, जब ब्यूरो ने एक कठिन और असंभव माने जाने वाले कार्य को संभव कर दिखाया, तो कुछ लोग और संगठन इस कार्य का श्रेय खुद लेने और अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने में लगे हुए हैं। वे वही लोग हैं जो आज से पहले कभी इस झोपड़पट्टी का रुख तक नहीं करते थे। परंतु, सच्चाई यह है कि जहाँ सबने मुँह मोड़ लिया, वहाँ ब्यूरो ने डटकर काम किया। और आज जो बच्चे शिक्षा और रोजगार की ओर बढ़ रहे हैं, वह मीना खंडेलवाल जी और उनकी टीम की वर्षों की मेहनत और ब्यूरो की दूरदृष्टि का प्रत्यक्ष परिणाम है। ब्यूरो द्वारा झोपड़पट्टी की महिलाओं को निःशुल्क ब्यूटी पार्लर एवं पेपर बैग निर्माण प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे कई महिलाएँ अब आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का सहारा बनी हैं। कोरोना काल में भी ब्यूरो ने मानवता का परिचय देते हुए वहाँ के लोगों को एक माह तक राशन व समय-समय पर कपड़े वितरित कर उनकी सहायता की। यह अभियान न केवल शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब सही नेतृत्व और निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो सबसे कठिन परिस्थितियाँ भी बदल जाती हैं। ‘नेशनल ह्यूमन राइट्स एंटी क्राइम एंड एंटी करप्शन ब्यूरो’ समाज को यह संदेश देता है कि यह कार्य किसी दिखावे या राजनीतिक लाभ का नहीं, बल्कि मानवता और भविष्य की पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 77 Post navigation आमला रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने बैंक प्रबंधक को पुष्प गुच्छ देकर मुलाकात की ज्योति कलश यात्रा का उद्देश्य 1. अनन्त ज्योति के अखंड प्रकाश को तीव्र करने की भावना के साथ