रिपोर्टर केवलराम मालवीय/संजय वर्मा आष्टा सेवदा तहसील आष्टा श्रीमद् भागवत कथा 18 जुलाई से प्रारंभ हुई जो 24 जुलाई तक चलेगी।प्रथम दिवस में भागवत कथा का महातम आता है इसमें भक्ति ज्ञान वैराग्य की कथा आती हैकलयुग का संग लगने से भक्ति के पुत्र ज्ञान वैराग्य मूर्छित हो जाते हैंज्ञान बराबर की मूर्छा को दूर करने के लिए भागवत कथा सुनाई जाती है भागवत कथा सुनने से हमारे अंदर आ ज्ञान वैराग्य जागत होता है ज्ञान पुष्ट होता है बलिष्ठ होता हैइसके बाद आत्मदेव ब्राह्मण का उपाख्यान आता हैएक ही पिता की दो संतान गोकर्ण एवं धुंधकारीगोकर्ण देवता बनता है धुंधकारी राक्षस बनता हैएक ही पिता की दो संतान रावण एवं विभीषणरावण राक्षस बनता है एवं विभीषण देवता बनता हैव्यक्ति अपने कर्मों के द्वारा नर से नारायण बन सकता हैदूसरे दिन की कथा में भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के पास शांति का प्रस्ताव लेकर जाते हैंलेकिन दुर्योधन शांति का प्रस्ताव ठुकरा दियाभगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के वहां 56 प्रकार का मेवा मिष्ठान छोड़ कर के विदुर जी के वहां केले के छिलका का भोग लगाते हैंआगे कथा में आता है 5 वर्ष के बालक भक्त ध्रुव ने मात्र 5 महीने भगवान का दर्शन कर लिया भगवान को प्राप्त करने में कोई उम्र नहीं होती है आगे कथा में होता है भक्त पहलाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बहुत सतायाजो धर्म को बचाता है धर्म उसे बचाता है जो धर्म को मिटाता है वह खुद मर जाता है इतिहास इस बात के साक्षीजब संसार के 99 द्वार बंद हो जाते हैं उसके बाद भी एक द्वार भगवान का अपने भक्तों के लिए 24 घंटे खुला रहता है एक बार भगवान को सच्चे मन से याद करके तो देखो जब भक्त पहलाद ने करुणा से भाव से भगवान को पुकारा भगवान नरसिंह भगवान के रूप में अवतार लिया और हिरण्यकश्यप का वध किया भक्त प्रह्लाद को बचायायदि भगवान का भजन करते करते कथा सुनते सुनते भगवान का दर्शन करते करते आपकी आंखों में आंसू आ जाए तो समझना आपका संदेश भगवान तक पहुंच गयाकल भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा पंडित अग्निहोत्री बंधु भागवताचार्य Please follow and like us: Post Views: 314 Post navigation आष्टा में व्यापार महासंघ के आह्वान पर मुनि श्री की निर्मम हत्या के विरोध में आधे दिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, ज्ञापन भी सौंपा बीजेपी नेता राजकुमार मालवीय के जन्मदिवस पर आष्टा में आयोजन हुआ