गंज अंडर ब्रिज से आवागमन शाम 6:30 से शुरू होते होते , रात 8:30 बजे शुरू हुआ, हेमंत भैया या डी डी उईके गुरु जी या 75 कदम 99 दिन का दबाव — जनता का फायदा , लोगों ने कहा दबाव देने वालो को धन्यवाद उपप्रधान सपादकं राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 बैतूल। नगरी क्षेत्र गंज में लंबे समय से आम नागरिकों के लिए गंभीर बनी आवागमन की समस्या का समाधान अब मिल गया है। गंज अंडर ब्रिज से आवाजाही 21 अप्रैल की शाम 6 बजे से शुरू की जा रही है, जिससे मोक्षधाम और कब्रिस्तान जाने वाले लोगों सहित जिले के आमला, मुल्ताई, आठनेर, भैंसदेही, बैतूल बाजार और गंज क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। जनहित को ध्यान में रखते हुए बैतूल के विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल तथा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके की पहल पर यह सुविधा शुरू कराई जा रही है। इस अंडर ब्रिज के चालू होने से रामनगर, जाकिर हुसैन, जयप्रकाश वार्ड सहित गंज क्षेत्र के लोगों को सीधे आवागमन की सुविधा मिल सकेगी, जिससे वर्षों से चली आ रही परेशानी का अंत होगा। ज्ञात हो कि इस गंभीर समस्या को 75 कदम 99 दिन अभियान से जुड़े साथियों की ओर से प्रमुख रूप से उठाया गया था। जयप्रकाश और जाकिर हुसैन वार्ड के पूर्व पार्षद एवं सक्रिय सदस्य रमेश भाटिया ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए लगातार प्रयास किए, जिसके बाद यह समाधान संभव हो सका। पुर्व पार्षद रमेश भाटिया क्या कहना है कि रेलवे के अधिकारियों ने 6:30 बजे शाम को चालू करने के लिए कहा गया था। लेकिन जनप्रतिनिधि एवं आम लोग को गलत जानकारी देकर 8:30 आवागमन प्रारंभ किया गया। हालांकि नागरिकों का मानना है कि यह तात्कालिक राहत है और भविष्य में इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंज क्षेत्र में पुलिस चौकी के पास फ्लाइओवर ब्रिज का निर्माण जरूरी है, जिससे यातायात पूरी तरह सुगम हो सके। फिलहाल अंडर ब्रिज शुरू होने की खबर से नागरिकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इस सुविधा के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल, दुर्गादास उइके और आमजन की आवाज बने रमेश भाटिया के प्रति आभार व्यक्त किया है उपप्रधान सपादकं राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 26 Post navigation किसी ने सही कहावत कहा है की बेटे के कारण पिता का नाम रोशन, या पिता के कारण बच्चों का नाम रोशन होता है, ऐसा ही कमाल ऑटो चालक के पुत्र ने करके दिखाया ,विधायक के हाथ सम्मान पाकर हुआ खुश — उदित के मम्मी पापा