*सिविल अस्पताल आमला की लापरवाही से नवजात की मौत, पति ने बीएमओ व नर्स पर लगाया गंभीर आरोप ,और कितने लोगों की जिंदगी लेगा रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 *प्रसूता को रातभर तड़पता छोड़ सोते रहे बीएमओ, नर्स भी छह बार बुलाने पर नहीं आईं* आमला । सिविल अस्पताल की लापरवाही एक बार फिर भारी पड़ गई, जब गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने से नवजात शिशु की मौत हो गई। वार्ड नंबर 13 आमला निवासी राहुल रेकवार ने जिला चिकित्सालय बैतूल के सीएमएचओ को शिकायत पत्र देकर बीएमओ अशोक नरवरे और स्टॉफ नर्स किरण सराटकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार राहुल की पत्नी वर्षा रेकवार (उम्र 28 वर्ष) को 22 अगस्त की दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने कह दिया कि डिलीवरी नार्मल होगी और दो दिन बाद लाना। शाम 8 बजे तक दर्द और तेज हुआ तो परिजन फिर अस्पताल लेकर पहुंचे। इस बार महिला को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन रातभर न तो बीएमओ आए और न ही स्टॉफ नर्स ने कोई जांच की। परिजनों ने बताया कि बहन और भाभी छह बार नर्स को बुलाने गईं, लेकिन उसने आकर देखने तक की जहमत नहीं उठाई। वहीं बीएमओ अशोक नरवरे अपने घर पर ही सोए रहे और अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी स्टॉफ नर्स के भरोसे छोड़ दी। पीड़िता पूरी रात प्रसव पीड़ा से तड़पती रही और इलाज न मिलने से परिजनों को सुबह गंभीर स्थिति में बैतूल रेफर कराना पड़ा। *नवजात की मौत, परिवार का आरोप लापरवाही ने छीन ली जिंदगी, निजी अस्पताल में बची मां की जान* शिकायत में बताया गया कि वर्षा रेकवार पूरी तरह स्वस्थ थीं और गर्भावस्था का नियमित चेकअप भी डॉक्टरों से कराते रहे थे। लेकिन समय पर इलाज और देखभाल नहीं मिलने के कारण बच्चे की जान चली गई। सुबह करीब 7:40 बजे बिना बीएमओ द्वारा जांच किए ही स्टॉफ नर्स ने रेफर पर्ची बना दी और बैतूल भेज दिया। एम्बुलेंस का खर्चा भी परिवार से तीन हजार रुपये वसूला गया। परिवारजन महिला को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कर उसकी जान तो बचा ली, लेकिन नवजात को नहीं बचाया जा सका। परिजनों का कहना है कि अगर अस्पताल में समय पर जांच होती और डॉक्टर-नर्स ने जिम्मेदारी निभाई होती तो बच्चे की मौत नहीं होती। परिजन ने सीसीटीवी फुटेज जांच की भी मांग की है, जिसमें साफ दिखेगा कि बार-बार बुलाने पर भी नर्स और बीएमओ देखने तक नहीं आए। राहुल रेकवार का कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं है, बल्कि कई गर्भवती महिलाओं के साथ आए दिन अभद्रता और लापरवाही होती है। खासतौर से रात की ड्यूटी में अस्पताल पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा है। *सीसीटीवी जांच की मांग, बीएमओ पर गंभीर आरोप मेटरनिटी वार्ड घर से चलाते हैं अधिकारी* राहुल रेकवार ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल की मेटरनिटी और पोस्टमार्टम विंग का चार्ज बीएमओ अशोक नरवरे के पास है, लेकिन वह ड्यूटी पर रात को अस्पताल में मौजूद नहीं रहते। शिकायत में लिखा है कि बीएमओ अपने घर पर सोते हैं और अस्पताल की जिम्मेदारी नर्स के हवाले कर देते हैं। यही कारण है कि प्रसूता रातभर अस्पताल में दर्द से कराहती रही, पर किसी ने देखभाल नहीं की। न केवल इतना, बल्कि स्टॉफ नर्स किरण सराटकर पर परिजनों के साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है। राहुल ने कहा कि 22 अगस्त की रात से 23 अगस्त सुबह 8 बजे तक का सीसीटीवी फुटेज चेक किया जाए, जिसमें साफ होगा कि बार-बार बुलाने पर भी नर्स और बीएमओ मौके पर नहीं पहुंचे। पीड़ित परिवार ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कठोर और दंडनीय कार्रवाई करने की अपील की है। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रसूताओं के लिए बने इस अस्पताल में इलाज मिलेगा या सिर्फ रेफर और अभद्रता। रिपोर्टर राकेश डबबु तायवाडे बैतुल आमला 🙏 Please follow and like us: Post Views: 168 Post navigation आमला भारतीय युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में तहसीलदार को सोपा ज्ञापन अधिवक्ता संघ आमला ने जताया आभार , 250 बिजली प्रकरण के पीड़ित लोगों को होगा फायदा समय रूपये की होगी बचत